Women Empowerment Essay in Hindi – महिला सशक्तिकरण पर निबंध

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Women Empowerment Essay in Hindi

Women Empowerment Essay in Hindi – महिला सशक्तिकरण ( 350 Words ) 

महिला सशक्तिकरण, भौतिक या आध्यात्मिक, शारीरिक या मनसिक स्तर पर महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा कर सशक्त बनाने की प्रक्रिया है। महिला सशक्तिकरण के अन्दर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरोकार व्यक्त किया जाता है। आज महिलाओं का एक बहतं बड़ा वर्ग सजग, शिक्षित व जागरूक है।

यद्यपि महिलायें आज के समाज में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चले रही है। चाहे हम रानी लक्ष्मीबाई, सरोजिनी नायडू या मीरा कुमारी को देखे या कल्पना चावला, बछेन्द्री पाल को या फिरें साइना नेहवाल, पी टी उषा या दीपा कामकार को पहली नेवी महिला कैप्टन या महिला पायलट हो, समाज और देश का कोई ऐसा कोना नही होगा, जहाँ महिलाओं ने अपनी छाप न छोड़ी हो।

फ़िर भी हमारे समाज में दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन उत्पीड़न, यौन हिंसा, असमानता, भूण हत्या, महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा, वैश्यावृत्ति, मानव तस्करी, कम उम्र में विवाह तथा बच्चे पैदा करना का चलन आज भी विद्यमान है,जो नारी और समाज के उत्थान में बाँधा बनकर खड़े है ।

समाज में हो रहे इन तमाम दुरव्यवहारो, लैंगिक भेदभाव तथा समाजिक अलगाव से लड़ने के लिये संविधान में अनुच्छेद (15(1) लिंग भेदभाव पर प्रतिबंध 15(2)- महिलाओं एवं बच्चों के लिये अलग नियम, २४३ डी व २४३ टी के तेहत स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33% आरक्षण की व्यवस्था सहित घरेलू हिंसा सुरक्षा अधिनियम २००५ की व्यवस्था है। सरकार महिला आरक्षण बिल लाने की बात कर रही है। सरकार बढ़चढ़ कर महिला दिवस तथा मॉत दिवस का आयोजन भी कर रही है। बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ। अभियान,महिलाओ के नाम पर कर में छूट सहित सरकार ने कई सरे सराहनीय कदम उठाये है।

इन कानूनों का और कड़ाई से पालन के साथ -साथ लैंगिक समानता को हर एक परिवार में बचपन से ही प्रचारित प्रसारित करना होगा। महिला आरक्षण बिल जल्द संसद में पास कराने की जरूरत है। इसके अलावा सरकार और लोगो को मिलकर पीछडे ग्रामीण क्षेत्रों में जाना होगा और वहाँ की महिलाओ को सरकार की तरफ़ से मिलने वाले अधिकारों से अवगत करना होगा। तभी जाकर महिलाओं का सशक्तिकरण हो पायेगा।

Paragraph on Women Empowerment in Hindi – नारी सशक्तिकरण ( 150 Words ) 

महिला सशक्तिकरण महिलाओं को अपनी स्वतन्त्रता और स्वयं का निर्णय लेने के लिए कहा जाता है। परिवार और समाज की सीमाओं के पीछे रहकर फैसले, अधिकार, विचार, मन आदि के सभी पहलुओं से स्त्री को अधिकार देने के लिए उन्हें स्वतन्त्र बनाना है।

समाज के सभी क्षेत्रों में पुरूष और स्त्री दोनो को समान उपाय में एक साथ लाया जाना चाहिए । देश के उज्जवल भविष्य के लिए महिला सशक्तिकरण बहुत महत्वपूर्ण है। महिला को एक स्वच्छ और उपयुक्त पर्यावरण की जरूरत है ताकि वे प्रत्येक क्षेत्र में अपना निर्णय ले सके, भले ही यह देश, परिवार या समाज के लिए हो।

देश को विकसित करने और विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक आवश्यक हथियार के रूप में महिला सशक्तिकरण के रूप में है | कई योजनाओं को भारत सरकार | द्वारा परिभाषित किया गया है ताकि महिलाओं को विकास की मुख्य धारा में लाया जा सके।

यह पूरे देश की आबादी में महिला की भागीदारी का एक हिस्सा है और महिला और बच्चो के समस्त विकास को सभी क्षेत्रों में स्वतन्त्रता की आवश्यकता है।

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Article on Women Empowerment in Hindi – स्त्री सशक्तिकरण ( 300 Words )

महिला सशक्तिकरण पर निबंध महिला सशक्तिकरण, भोतिक या आध्यात्मिक, शारीरिक या मानसिक स्तर पर महिलाओं में आत्मविश्वास पैदा कर उन्हें शैक्षिक, आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरोकार व्यक्त किये जाते है।

आज महिलाओं का बहुत बड़ा वर्ग सशक्त, सजग, शिक्षित एवं जागरूक है तथा पुरुषों के साथ कन्धों से कंधे मिला कर चल रहा है। चाहे रानी लक्ष्मीबाई हो , सरोजनी नायडू या किरण बेदी , मीरा कुमारी हो या कल्पना चावला, बचेन्द्रिपाल, पी.टी.उषा हो या सेना नहवाल , समाज एवं देश के हर कोंने में खुद को साबित किया है।

परन्तु आज भी हमारे समाज में लैंगिक असमानता,भ्रूण हत्या, महिला तस्करी एवं अशिक्षा , यौन उत्पीडन एवं हिंसा ,वैश्यावृति, दहेज़ प्रथा, महिला घरेलू हिंसा, डायन प्रथा, कम उम्र में शादी करना व बच्चे पैदा करने का चलन जैसी कुरीतियाँ विद्यमान है जो नारी एवं समाज के उत्थान में बहुत बड़ी बाधाएं है।

समाज में हो रहे इन दुर्व्यव्हारों, लेगिक व सामाजिक भेदभाव से लड़ने के लिए संविधान में कई नियम एवं 33% आरक्षण सहित(स्थानीय निकायों) महिला घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 की व्यवस्था है। सरकार महिला आरक्षण बिल लाने की बात कर रही है, महिला एवं मातृ दिवस पर बढचढ कर अभियान चला रही है। बेटी बचाओ बेटी पढाओ, सुकन्या स्म्रिधि योजना, महिलाओं के नाम पर कर में छुट सहित कई सराहनीय कदम उठाये गये है।

इन कानूनों एवं नियमों का कड़ी से पालन करने के साथ लेंगिक समानता को हर परिवार में बचपन से प्रचारित करने, महिला आरक्षण बिल जल्द पास कराने ,सरकार व लोगो को पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उनके अधिकारों से अवगत कराने की आवश्यकता है। तभी महिलाओं का स्शाक्तिकणं होगा एवं यूत्र नार्यस्तु पूज्यते,तत्र देवता रमन्ते” सूक्ति चरितार्थ होगी।

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