Importance of Chemistry in Hindi – रसायन विज्ञान का महत्त्व

Chemistry in everyday life : Hello Friends, Is post me hum aapko Importance of Chemistry in Hindi रसायन विज्ञान का महत्त्व ( Rasayan Vigyan ka Mehatva ) ke bare me batane wale hai jisme hum aapko batayege ki hum apni daily life me kaha kaha chemistry ka use karte hai or chemistry ki hamari everyday life me kitni importance hai,

Agar aap chemistry in everyday life class 12 ke liye importance notes dhund rahe hai to is post me aapko Importance of Chemistry in Hindi ko point wise samjaya gya hai aap ise apne project ke liye note kar sakte hai to dosto chaliye suru karte hai Importance of Chemistry in Hindi.

Importance of Chemistry in Hindi

Importance of Chemistry – रसायन विज्ञान का महत्त्व

मानव के जीवन-स्तर को ऊँचा उठाने हेतु भोजन, स्वास्थ्य-सुविधा की वस्तुएँ और अन्य सामग्री की आवश्यकताओं को पूरा करने में रसायन-विज्ञान ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में हमें किसी-न-किसी रूप में रासायनिक वस्तुओं की ही सहायता लेनी पड़ती है। हमारे दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान के निम्नलिखित प्रमुख उपयोग तथा महत्त्व हैं

(1) खाद्य-पदार्थ (Food material)

निरन्तर बढ़ती हुई जनसंख्या को उचित मात्रा में खाद्य-पदार्थ उपलब्ध कराने में रसायन विज्ञान की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। मानव की सर्वप्रथम आवश्यकता भोजन है। विभिन्न प्रकार के पौष्टिक और स्वादिष्ट पदार्थ; जैसे—अचार, चटनी, शराब, जेली, जैम, चीनी, वनस्पति घी, चॉकलेट, बिस्कुट, कस्टर्ड पाउडर, चाय, कॉफी आदि रसायन विज्ञान की ही देन हैं।

(2) उर्वरक (Fertilizers)

फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए कृत्रिम उर्वरकों; जैसे—यूरिया, सुपरफॉस्फेट ऑफ लाइम, अमोनियम सल्फेट, पोटैशियम नाइट्रेट आदि का उपयोग किया जाता है। ये सभी रसायन विज्ञान की ही देन हैं।

(3) जीवाणुनाशक/कीटनाशक (Bactericide/Insecticide)

बेन्जीन हेक्साक्लोराइड (बी०एच०सी०) ऐल्ड्रिन, डाइऐल्ड्रिन आदि रासायनिक पदार्थ पौधों को कीटाणुओं तथा रोगों से बचाते हैं। इन रासायनिक पदार्थों को जीवाणुनाशक/कीटनाशक कहते हैं। नगरों में प्रदूषित जल को पीने योग्य बनाने के लिए भी रासायनिक यौगिकों (जैसे—पोटैशियम परमैंगनेट, क्लोरीन आदि) का प्रयोग किया जाता है।

(4) स्वास्थ्य रक्षा (Health Care)

शरीर को स्वस्थ एवं निरोग बनाए रखने के लिए रसायन विज्ञान ने अनेक प्रभावशाली औषधियाँ प्रदान की हैं। रसायन विज्ञान द्वारा ही कैन्सर की चिकित्सा में प्रभावी औषधियाँ (जैसे–सिप्लैटिन तथा टैक्सोल) और एड्स से ग्रस्त रोगियों के उपचार हेतु उपयोग में आने वाली औषधि एजिडोथाइमिडीन (AZT) सदृश अनेक जीवनरक्षक औषधियाँ पौधों और प्राणी-स्रोतों से प्राप्त या संश्लेषित की गई हैं। इसके अतिरिक्त कुछ प्रमुख औषधियाँ अग्रवत् हैं

(5) वस्त्र (Clothes)

रसायन विज्ञान की सहायता से अनेक प्रकार के कृत्रिम वस्त्रों किया जाता है; जैसे—रेयॉन, नायलॉन, टेरीलीन, डेक्रॉन, ऑरलॉन आदि।

(6) भवन निर्माण-सामग्री (Building material)

भवन निर्माण के लिए उपयोगी वस्त. जैसे-सीमेण्ट, चूना, लोहा, ऐस्बेस्टॉस, वाटर-पूफ तथा फायर-प्रूफ आदि पदार्थ भी रसायन की ही देन हैं।

(7) प्लास्टिक तथा काँच (Plastic and Glass)

आजकल अनेक उपयोगी वस्तुओं का निर्माण प्लास्टिक तथा काँच से होने लगा है। प्लास्टिक और काँच रसायन विज्ञान की महत्त्वपूर्ण देन हैं। गिलास, बाल्टी डिब्बे, शीशी, नल की टोंटी, थैला, बरसाती एवं टेबल क्लॉथ के रूप में अब प्लास्टिक का प्रयोग होने लगा है।

(8) सौन्दर्य प्रसाधन (Cosmetics)

सौन्दर्य प्रसाधन के रूप में काम आने वाले सुगन्धित तेल, क्रीम, स्नो पाउडर, विभिन्न प्रकार के साबुन, लिपस्टिक, सिंदूर, काजल, सुरमा, खिजाब आदि पदार्थ रसायन विज्ञान की ही देन हैं।

(9) ईंधन (Fuel)

पेट्रोल, पावर ऐल्कोहॉल, ईंधन गैसें (कोल गैस, प्रोड्यूसर गैस, तेल गैस आदि), डीजल तेल आदि विभिन्न प्रकार के वाहनों (मोटर गाड़ी, वायुयान, रेलगाड़ी आदि) के चलाने में ईंधन के रूप में प्रयोग किए जाते हैं।

(10) धातुएँ तथा मिश्र-धातुएँ (Metals and Alloys)

सोना, चाँदी, लोहा, ताँबा, ऐलुमिनियम आदि धातुएँ मानव के लिए अत्यन्त उपयोगी हैं। वर्तमान समय में चालीस धातुओं से लगभग पाँच हजार मिश्र-धातुएँ (alloys) बनाई जा चुकी हैं। इनमें से स्टील, पीतल, काँसा, जर्मन सिल्वर, हिण्डोलियम जैसी लगभग सौ मिश्र-धातुएँ हमारे नित्यप्रति के कार्यों में प्रयुक्त होती हैं। ये सभी रसायन विज्ञान की ही देन हैं।

(11) विशिष्ट पदार्थों का संश्लेषण (Synthesis of specific material)

रासायनिक सिद्धान्तों का ज्ञान भली-भाँति होने के पश्चात् अब विशिष्ट चुम्बकीय, विद्युतीय और प्रकाशीय गुणधर्मयुक्त पदार्थ संश्लेषित करना सम्भव हो गया है, जिसके फलस्वरूप अतिचालक सिरेमिक, सुचालक बहुलक, प्रकाशीय फाइबर (तन्तु) सदृश पदार्थ संश्लेषित किए जा सकते हैं और ठोस अवस्थीय पदार्थों को लघु रूप में विकसित किया जा सकता है।

(12) पर्यावरणीय प्रदूषण पर नियन्त्रण (Control over environmental pollution)

पिछले कुछ वर्षों में रसायन शास्त्र की सहायता से पर्यावरणीय प्रदूषण से सम्बन्धित कुछ गम्भीर समस्याओं को काफी सीमा तक नियन्त्रित किया जा सका है। उदाहरणार्थ-समतापमण्डल (stratosphere) में ओजोन अवक्षय (ozone depletion) उत्पन्न करने वाले एवं पर्यावरण प्रदूषक क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) जैसे पदार्थों के विकल्प सफलतापूर्वक संश्लेषित कर लिए गए हैं, परन्तु अभी भी पर्यावरण की अनेक समस्याएँ रसायनविदों के लिए गम्भीर चुनौती बनी हुई हैं। ऐसी ही एक समस्या ग्रीन-हाउस गैसों (जैसे—मेथेन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि) का प्रबन्धन है।

रसायनविदों की भावी पीढ़ियों के लिए जैव-रासायनिक प्रक्रियाओं को समझ, रसायनों के व्यापक स्तर पर उपयोग और नवीन मोहक पदार्थों का उत्पादन कुछ बौद्धिक चुनौतियाँ हैं। इन सभी चनौतियों एवं अनेकानेक कार्यों हेतु हमें सदैव हा रसायन विज्ञान की सहायता की आवश्यकता रहेगी इस प्रकार स्पष्ट है कि हमारे दैनिक जीवन में रसायन विज्ञान का योगदान अभूतपूर्व है।

To dosto kesi lagi aapko yeh post Importance of Chemistry in Hindi – रसायन विज्ञान का महत्त्व hame comments kar ke jaroor bataye or is post ko apne dosto ke sath share karna na bhule.

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