Living and Non-Living Things in Hindi – सजीव और निर्जीव

Hello Friends, Is post me hum aapko Living and Non-Living Things in Hindi ( सजीव और निर्जीव ) Sajiv or Nirjiv kise kehte hai, Kya hai Sajiv or Nirjiv me kya antar hai, Definition, Common Features, Difference and Characteristics of living things ke bare me details information batane wale hai.

Living and Non-Living Things in Hindi – सजीव और निर्जीव

Agar aapko Living and non-living things in hindi ke liye essay ki jaroorat hai to is post ko aap apne essay ke liye bhi use kar sakte hai to dosto ab hum aapko sajiv or nirjiv vastu ki paribhasha batane wale hai to chaliye suru karte hai.

living and non-living things in hindi

सजीव और निर्जीव किसे कहते है  ( Living and Non-Living Things )

हमारे चारों तरफ अनेक वस्तुएँ विद्यमान हैं। इनमें से अनेक वस्तुएँ ऐसी हैं जिनमें जीवन होता है, ये वस्तुएँ सजीव वस्तुएँ कहलाती हैं। जबकि अनेक वस्तुएँ ऐसी हैं जिनमें जीवन नहीं पाया जाता है, इन्हें निर्जीव वस्तुएँ कहते हैं। पेड़-पौधे, जंतु तथा मनुष्य सभी सजीव वस्तुएँ हैं। पेन्सिल, कागज, श्यामपट्ट, पैन, चॉक, फर्नीचर, काँच, चट्टानें, ईंटें कार आदि निर्जीव वस्तुओं के उदाहरण हैं। तो दोस्तों आपको Living and non-living things in hindi क्या होती है इसके बारे में पता चल गया होगा।

सजीव तथा निर्जीव वस्तुओं की सामान्य विशेषताएं (Common Features of Living and Non-Living Things)

आइए, किसी एक जंतु, जैसे – जिराफ तथा किसी एक पौधे, जैसे – तुलसी एवं किसी एक निर्जीव वस्तु जैसे – चॉक पर विचार करें। इन सभी वस्तुओं में भार हैं तथा ये स्थान घेरती हैं।

आप पहले ही पढ़ चुके हैं कि पदार्थ स्थान घेरते हैं तथा उनमे भार होता है। अतः हम कह सकते हैं कि सजीव तथा निर्जीव सभी वस्तुएँ पदार्थ की बनी हुई हैं। सजीव तथा निर्जीव वस्तुएँ संरचनात्मक इकाइयों की बनी होती हैं।

सजीव तथा निर्जीव वस्तुओं में अन्तर (Difference Between Livinig and NonLiving Things)

  • सजीव वस्तुएँ वृद्धि करती हैं, जबकि निर्जीव वस्तुएँ वुद्धि नहीं करती हैं।
  • सजीव वस्तुएँ गति को दर्शाती हैं, जबकि निर्जीव वस्तुएँ गति नहीं दर्शाती
  • सजीव वस्तुएँ श्वसन करती हैं, निर्जीव वस्तुएँ श्वसन नहीं करती हैं।
  • सजीव वस्तुएँ प्रजनन करती हैं, जबकि निर्जीव वस्तुएँ नहीं करती हैं।
  • सजीव वस्तुएँ भोजन को ग्रहण तथा अपशिष्ट पदार्थों को उत्सर्जित करती हैं। जबकि निर्जीव वस्तुएँ ऐसा नहीं करती हैं।
  • सजीव वस्तुएँ मरती हैं, जबकि निर्जीव वस्तुएँ नहीं मरती हैं यद्यपि पर्यावरणीय कारकों द्वारा समय के साथ-साथ उनका अपक्षय होता रहता है।

सजीव वस्तुओं की विशेषताएँ (Characteristics of Living Things)

सजीव वस्तुओं की कुछ अवलोकनीय विशेषताएँ | निम्नलिखित हैं:

निश्चित आकार तथा आकृति (Definite Shape and Size)

प्रत्येक सजीव वस्तु का एक निश्चित आकार और आकृति होती है। उदाहरणतः बिल्लियों की विभिन्न प्रजातियों में उनकी ऊँचाइयों तथा कुछ अन्य विशेषताओं में भिन्नता पायी जा सकती है, किन्तु बिल्ली का रूप एक मछली से सदैव भिन्न ही होता है। इसी तरह बरगद का वृक्ष ताड़ के वृक्ष से भिन्न रूप लिए होता है।

इसके विपरीत निर्जीव वस्तुओं, जैसे – कि लोहे का कोई निश्चित आकार या आकृति नहीं होती है। इसे कीलों, पेंचों, आदि अनेक प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है।

कोशिकीय संरचना (Cellular Organism)

सभी सजीव वस्तुओं की रचना कोशिकाओं से होती है। कोशिका जीवन की आधारभूत इकाई होती है। कुछ पौधों और जंतुओं में मात्र एक कोशिका होती है। सभी जीवाणु, खमीर तथा कुछ जलीय पौधे एक कोशिका वाले होते है। कोशिकाएं अनेक तरीके से कार्य करती है जैसे – पोषण, श्वसन, उत्सर्जन आदि। वे सजीवों की सरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाइयां कहलाती है।

वृद्धि तथा निश्चित जीवन-काल (Growth and Definite Life Span)

सभी सजीव वस्तुएँ जंतु, पौधे तथा मनुष्य एक जीव निश्चित समयावधि तक वृद्धि करते हैं तथा, फिर विधि मर जाते हैं। इसीलिए इनका एक निश्चित जीवन काल होता है।

समस्त सजीव वस्तुओं का जन्म मात्र एक निजी कोशिका से होता है। कोशिकाओं में वृद्धि, कार” सरंचना वृद्धि, विभेदकता (विशेष कार्य करने की रीति) आदि गुण विकसित होने को ही हम वृद्धि का नाम देते हैं। सजीव वस्तुओं में कोशिकाओं में विभाजन ही उनकी वृद्धि का कारण बनता है। पौधों की वृद्धि अनिश्चित होती है अर्थात् पौधों में वृद्धि उनकी आयु के अनुसार रूकती नहीं है, जबकि जंतुओं तथा मनुष्य में वृद्धि की एक निश्चित सीमा होती हैं। अर्थात इनमें एक समय के बाद वृद्धि का होना रुक जाता है।

भोजन ग्रहण करना ( Feeding )

सभी सजीव वस्तुओ को ऊर्जा प्राप्ति के उद्देश्य से अपने आसपास के पर्यावरण से भोजन ग्रहण करने की आवश्यकता होती है ताकि वे वृद्धि कर  सके तथा स्वस्थ रह सके।

गति ( Movement )

सजीव वस्तुवें एक स्थान से दूसरे स्थान तक गति कर सकती है सभी जीवधारी विविध प्रकार से अपनी गति को दर्शाते है।

श्वसन ( Respiration ), उत्सर्जन ( Excretion ), संवेदनशीलता ( Sensitivity )

हर सजीव में यह तीनो क्रियाये होती है।

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