हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है

हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है ( Hund, Pauli, Aafbau Ka Niyam kya hai ) 

हेलो दोस्तों, आज की पोस्ट में आप हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है तथा इलेक्ट्रान किसे कहते है जानेगे रसायन विज्ञानं में आपने हुण्ड का नियम,  पाउली का नियमऑफबाऊ का नियम तो जरूर सुना होगा आज इस पोस्ट में आपको इन्ही नियमो के बारे में बताया जायेगा अगर आपको ये तीनो नियम सही से जानने है तो आप इस पोस्ट को पूरा पड़े।

हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है
हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है

तीनो नियम जानने से पहले हम जान लेते है की “इलेक्ट्रान किसे कहते है” अगर आपको इलेक्ट्रान के बारे में पता नहीं है तो आप ये नियम समझ नहीं सकते है तो दोस्तों सबसे पहले हम इलेक्ट्रान के बारे में जान लेते है।  

इलेक्ट्रान किसे कहते है ( What is Electron In Hindi )

इलेक्ट्राॅन की खोज जे.जे. थाॅमसन ने की थी । इलेक्ट्राॅन परमाणु में पाया जाता है इलेक्ट्रान का आवेश -1.6 × 10¯¹⁹ होता है। इलेक्ट्राॅन नाभिक के चारों ओर अपनी कक्षा में परिक्रमा करता रहता है और इलेक्ट्राॅन का द्रव्यमान 9.109 × 10¯³¹ किलोग्राम होता है।

ऑफबाऊ का नियम क्या है ( Aafbau Niyam )

ऑफबाऊ के इस सिद्धान्त के अनुसार,  किसी परमाणु में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम उनके उपकोशों की ऊर्जा के वृद्धि के क्रमानुसार होता है इलेक्ट्रॉन हमेंशा कम ऊर्जा वाले ऑर्बिटलों में पहले भरते हैं। किसी कोश के s-ऑर्बिटल में सबसे कम ऊर्जा होती है। उसी प्रकार p-ऑर्बिटल की ऊर्जा d तथा f-ऑर्बिटलों की ऊर्जा से कम होती है।  

Aafbau Principle Diagram

Aafbau Principle Diagram

ऑफबाऊ नियम का उपयोग: ऑफबाऊ नियम से हम तत्वों के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास निकालते है

जैसे —
cl(17) = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2, 3p5
Fe(26) = 1s2, 2s2, 2p6, 3s2, 3p6, 3d6, 4s2

हुण्ड का नियम क्या है ( Hund Niyam )

हुण्ड ने 1925 मे उपकोशों के विभिन्न कक्षकों मे इलेक्ट्रॉनों को भरने के लिए एक नियम निर्धारित किया  जिसे हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम कहते हैं। जैसा की आप जानते हो की किसी परमाणु में इलेक्ट्रान नाभिक के चारो और विभिन्न कक्षक में चक्कर लगाता है और कक्षक के अंदर इलेक्ट्रॉन उपकोष में स्थित होता है तो इसी पर हुण्ड ने एक नियम दिया है जो निम्नलिखित है।

किसी उपकोश के विभिन्न कक्षकों मे इलेक्ट्रॉन तब तक युग्मित नहीं होते जब तक कि उस उपकोश के प्रत्येक कक्षक मे एक एक इलेक्ट्रॉन नहीं हो जाता है। साथ ही पूर्ण रूप से आधा भरा हुआ या पूरा भरा हुआ ऑर्बिटल पूर्ण रूप से आधे भरे हुए या पूरा भरे हुए ऑर्बिटल से अधिक स्थाई होता है।

हुण्ड के नियम के अनुसार: 

s उपकोश मेँ 1  कक्षक,
p उपकोश मे 3  कक्षक,
d उपकोश मे 5  कक्षक
f उपकोश मे 7  कक्षहोता है क होते हैं।
तथा
s कक्षक मे दूसरे, p कक्षक मे चौथे, d कक्षक मे छठें तथा f कक्षक मे आठवें इलेक्ट्रॉन से युग्मन प्रारम्भ होता है।

हुण्ड का नियम क्या है
पाउली का अपवर्जन नियम क्या है ( Pauli Niyam )

पाउली के नियम के अनुसार किसी भी परमाणु में दो इलेक्ट्रोनो की चारो क्वाण्टम संख्याओं  मान सामान नहीं होता है।

इस नियम के कारण किसी परमाणु या अणु में इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था को प्रदर्शित किया जाता है और पाउली के नियम का आवर्त सारणी के निर्माण में भी बहुत बड़ा योगदान है।

  • किसी एक ही परमाणु में स्थित इलेक्ट्रॉनों के लिये यह नियम कहता है कि “किन्ही भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों (यानी सभी) प्रमात्रा संख्याएं एक समान नहीं हो सकतीं।
  • इस सिद्धान्त के अनुसार समान अवस्था वाले अथवा समान गुणधर्म वाले दो कण किसी एक समय मे किसी एक स्थान पर नहीं रह सकते है।
  • जो कण इस सिध्दांत का पालन करते है, फर्मिऑन कहलाते है, जैसे: इलेक्ट्रॉन, प्राणु, न्यूट्रॉन इत्यादि ; एवं जो कण इस सिध्दांत का पालन नहीं करते है, बोसॉन कहलाते है, जैसे: फोटॉन,ग्लुऑन, गेज बोसान।


तो दोस्तों ये थे हुण्ड का नियम,  पाउली का नियमऑफबाऊ का नियम आशा करता हूँ की आपको ये तीनो नियम समझ में आ गए होंगे अगर अभी भी आपको इस पोस्ट “हुण्ड, पाउली, ऑफबाऊ का नियम क्या है” में कुछ भी पूछना है तो हमें कमैंट्स कर के पूछ सकते है और इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करना न भूले।

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2 Comments

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  1. Pauli ke niyam ko detail me batayege please sir

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